Goldfish का साइंटिफिक नाम क्या है? जानिए – Goldfish Ka Scientific Naam Kya Hai

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Goldfish Ka Scientific Naam Kya Hai- आपने गोल्डफिश के बारे में जरूर देखा या सुना होगा, जिसे गोल्डन फिश भी कहा जाता है। इस मछली को लोग अपने घरों, ऑफिस और दुकानों में बड़े प्यार से पालते हैं, लेकिन क्या आप गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम जानते हैं, अगर नहीं जानते तो जल्दी से जान लें क्योंकि गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम जानना इतना जरूरी है कि अगर आप पढ़ रहे हैं तो परीक्षाओं में आपसे इसका वैज्ञानिक नाम पूछा जा सकता है।

शुरुआत में जब लोग गोल्डफिश से परिचित हुए, उस समय 1 हजार साल तक इसे केवल मछली के रूप में ही खाया जाता था, लेकिन वैज्ञानिकों ने बहुत कोशिश की कि गोल्डफिश को न खाया जाए और इसकी प्रजाति को बचाया जाए, अगर ऐसा नहीं होता तो हम आज जितनी आसानी सुनहरी मछली देख पाते है उनती आसानी से शायद हमे देखने को नहीं मिलती।

अगर आप भी खूबसूरत और आकर्षक गोल्डफिश के बारे में जानना चाहते हैं तो लेख पढ़ें। आर्टिकल में आपको गोल्डफिश से जुड़ी पूरी जानकारी मिलेगी, अगर आप इस मछली को पालना चाहते हैं तो भी यह आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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Highlight of Goldfish

  • Scientific Name of Goldfish – Carassius Auratus
  • हिंदी नाम – सुनहरी मछली
  • लंबाई – अधिकत्म 45 सेंटीमीटर
  • PH रेंज – 6.5 से 8.5
  • निवास स्थान – मीठा पानी
  • जीवित अवधि – 10 से 15 वर्ष
  • परिवार – कार्प
  • भोजन – कीट, शैलाव, पौधे, लार्वा इत्यादि.
  • मूल स्रोत – चीन

Goldfish क्या है?

गोल्डफिश यानि सुनहरी मछली एक मछली है जो मीठे पानी में रहती हैं और ये मछली Carp परिवार से संबंध रखती हैं। गोल्डफिश दिखने में काफी खुबसूरत होती हैं इसी कारण से लोग इसे पालतू बनाना पसंद करते हैं। सुनहरी मछली का जो रंग होती है वो लोगों को काफी आर्कषित करती हैं। सुनहरी मछली को मुख्य रूप से Indoor Aquariums के माध्यम पाला जाता है।

गोल्डफिश को घरों में टैंकों एवं जार के जरिए पालतू बनाया जाता है। लोग इस मछली को इसलिए पालतू बनाते है क्योंकि यह मछली देखने में संदर और आकर्षक होते हैं इसके अलावा बहुत लोग इस मछली को घर में रखना शुभ मानते हैं और गोल्डफिश दुनिया की सजावटी मछलियों में से एक है।

इसके शरीर का आकार रंग, पंखों और नस्लें के विन्यास में विभिन्न तरह के होती हैं। अगर रंग की बात करें तो गोल्डफिश का रंग पीले, सफेद, लाल, नारंगी, काले और भूरे रंग के विभिन्न संयोजन में देखने को मिल जाती हैं, इससे इस बात का पता चलता है कि सुनहरी मछली विभिन्न रंगों में हो सकती हैं।

Goldfish का Scientific नाम क्या है?

Goldfish का Scientific नाम Carassius Auratus (कैरासियस ऑराटस) हैं और हिंदी में इसे सुनहरी मछली कहा जाता हैं। गोल्डफिश के साइंटिफिश नाम से संबंधित परीक्षाओं में सवाल पूछे जाते है इसलिए आपको इसके नाम याद रखना होगा।

दुनिया के सबसे सुन्दर मछलियों में एक गोल्डफिश को माना जाता है और कोई भी इस मछली को देखकर बता सकता है कि ये गोल्डफिश हैं क्योंकि इसे पहचाना काफी आसान होता हैं। गोल्डफिश को Golden Crucian Corp (गोल्डन क्रूसियन कॉर्प) भी कहा जाता हैं और कई लोग इसे सुनहरी मछली नाम से भी जानते हैं।

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Goldfish का इतिहास

गोल्डफिश कोई नई मछली नहीं है, बल्कि इसका इतिहास बहुत पुराना है, लेकिन इस मछली का इतिहास चीन से है। प्राचीन काल में चीन में कार्प की विभिन्न प्रजातियों को पालतू बनाया जाता था। इस मछली का उपयोग हजारों वर्षों से भोजन के लिए भी किया जाता रहा है। तांग राजवंश के शासनकाल के दौरान, सजावटी तालाबों और जल उद्यानों में कार्प प्रजाति की मछलियों की खेती की जाती थी, उस समय लोग उन्हें अपने शौक के लिए पालते थे।

ऐसा माना जाता है कि सुनहरी मछली का उल्लेख पहली बार जिंग राजवंश के दौरान दर्ज किया गया था, जब चीन के राजा जिंहुआन तुशान पर्वत पर पहुंचे और उन्हें लाल रंग की मछलियों से भरा एक तालाब मिला। उस समय, यानी तांग राजवंश के शासनकाल के दौरान, घरों में सुनहरी मछली पाली जाती थी।

सुनहरी मछली पालन का शौक यहीं से लोकप्रिय हुआ और सोंग राजवंश, मिंग राजवंश के शासनकाल के दौरान लोग अपने घरों में सुनहरी मछली रखते थे। इसके बाद गोल्फफिश 1502 में जापान पहुंची और वहां इस मछली की कई प्रजातियां पेश कीं।

गोल्डफिश को 17वीं सदी में यूनाइटेड किंगडम, 18वीं सदी में यूरोप और 19वीं सदी में संयुक्त राज्य अमेरिका में लाया गया, जिसके बाद उन्हें दुनिया भर में पालतू जानवरों के रूप में रखा जाने लगा। वर्तमान में यह मछली एक लोकप्रिय पालतू मछली है।

Goldfish के प्रकार

गोल्डफिश यानी सुनहरी मछली के बारे में आपको बहुत सारी जानकारी दी जा चुकी है, अब सुनहरी मछली के विभिन्न प्रकारों के बारे में भी बात कर लेते हैं। वैसे तो गोल्डफिश कई प्रकार की होती है, लेकिन नीचे हम इसके कुछ मुख्य प्रकारों के बारे में बात करने जा रहे हैं-

आम गोल्डफिश (Common Goldfish

यह गोल्डफिश एक आम प्रजाति है, अधिकतर यह प्रजाति नई Goldfish Breed नस्ल से तैयार की जाती है अगर दिखने की बात करे तो यह दिखने में Prussian Carp की तरह होती हैं।

रयुजिन गोल्डफिश (Ryukin Goldfish)

यह प्रजाति दिखने में बहुत ही सुन्दर और आकर्षक होती है, रयुकिन गोल्डफिश का सर नुकीला और कठोर होता है और सर के पीछे एक बड़ा कूबड़ होता हैं लेकिन आमतौर पर यह मछली छोटे पंख अथवा ट्रिपल पूछ के साथ देखने को मिल जाते हैं।

कॉमेट गोल्डफिश (Comet Goldfish)

कॉमेट गोल्डफिश आमतौर पर दिखने में कॉमन गोल्डफिश की तरह होती हैं, कॉमेट या फिर धूमकेतु पूछ वाली इस सुनहरी मछली को अमेरिका में Breed किया जाता हैं, यह गोल्डफिश कई रंगों के साथ देखने को मिल जाती हैं।

लायनहेड गोल्डफिश (Lionhead Goldfish)

इसके पीठ पर पंख नही पायी जाती है, लॉयनहैड गोल्डफिश की पीठ धनुषाकार होती हैं और जबरदस्त हुड तथा मोटे गाल होती है।

फैंटेल गोल्डफिश (Fantail Goldfish)

आमतौर पर यह मछली पश्चिमी देशों में अधिक पायी जाती है, फैंटेल गोल्डफिश के पूछ पर बड़ा पंख और पीठ पर ऊँचे पंख होती हैं।

शुबनकिन गोल्डफिश (Shubunkin Goldfish)

शुबुकिंग दिखने में कॉमन गोल्डफिश की तरह और धूमकेतु की तरह होती है और जापान में इसे क्रॉस ब्रीडिंग के द्वारा पैदा किया गया था इसके अलावा इसके कुछ प्रजातियों को भी शामिल किया गया था, जैसे गोल्डफिश, कैलिको टेलिस्कोप आई गोल्डफिश और कॉमन गोल्डफिश।

बबल आई गोल्डफिश (Bubble Eye Goldfish)

बबल आई गोल्डफिश की आँखे इसके शरीर के रंग की जैसा होती है मगर इसके आँखों के ऊपर दो बड़ी थैलियां मौजूद होती है जो एक किस्म के तरह पदार्थ से भरी हुई होती हैं। यह गोल्डफिश फैंसी गोल्डफिश की एक छोटी किस्म हैं।

ओरांडा गोल्डफिश (Oranda Goldfish)

इसके सर पर एक बड़ा हुड होता है और इसे इस मछली का ताज भी कहा जाता है, इसके अलावा इसके पीछ और पूछ पर एक बड़ा पंख होता हैं।

टेलिस्कोप गोल्डफिश (Telescope Goldfish)

टेलीस्कोप गोल्डफिश को चीन में सन 1700 में तैयार किया गया था। इस मछली के आँखे बड़ी और थोड़ी बहार निकली हुई रहती हैं और शरीर पर कुछ छोटे तो कुछ बड़े पंख होते है।

एग्ग-फिश गोल्डफिश (Egg-Fish Goldfish)

हालांकि यह गोल्डफिश दिखने में रांचु गोल्डफिश की तरह ही होती है किन्तु इस मछली के सर रांचु गोल्डफिश के जैसा नही होता हैं। यह गोल्डफिश एक प्रकार की फैंसी किस्म में से एक है जिसके पंख नही होते हैं और इसका आकर अंडे की भाती होती हैं।

वीलटेल गोल्डफिश (Veiltail Goldfish)

इसकी पूछ लम्बी और आकर मछली से दुगना बड़ा होता है। वीलटेल गोल्डफिश पानी में जलपरी की तरह लहराती रहती है। इसके पीठ धनुषाकार और पीठ पर एक बड़ा, आकर्षक पंख होता हैं।

रैंचू गोल्डफिश (Ranchu Goldfish)

रैंचू गोल्डफिश को जापान में King of Goldfish भी कहा जाता है और इतिहास की बात करे तो इसका इतिहास कोरियाई गोल्डफिश के रूप में जाना जाता हैं। यह गोल्ड फिश हुड वाली किस्म हैं।

पॉम्पॉम गोल्डफिश (Pompom Goldfish)

इसकी दो पूँछें होती हैं और दोनों आँखों पर छोटी-छोटी गेंदें बनी होती हैं, जैसे हमें बबल आई गोल्डफिश में देखने को मिलती हैं।

Goldfish का पालन कैसे किया जाता है?

अगर आप अपने घर या ऑफिस में सुनहरी मछली पालना चाहते हैं तो आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा क्योंकि अगर आपने थोड़ी सी भी गलती की तो मछली मर सकती है।

  • सबसे पहले आपको मछली पालने के लिए एक टैंक खरीदना होगा, आप चाहे तो जार का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • टैंक खरीदते समय आपको यह तय करना होगा कि किस टैंक में ऑक्सीजन को अवशोषित करने के लिए पर्याप्त सतह क्षेत्र होना चाहिए और मछली को तैरने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
  • टैंक उस स्थान पर रखें जहाँ पर उसे अप्रत्यक्ष रूप से पर्याप्त धूप मिल सके।
  • गोल्डफिश बहुत गन्दगी रहती है इसलिए आपको टैंक की नियमित रूप से सफाई करना होगा।
  • पानी का रख रखवा भी महत्वपूर्ण होता हैं क्योंकि इससे डायरेक्ट गोल्डफिश के स्वस्थ पर प्रभाव पड़ता हैं।
  • मछली जरूरत से ज्यादा खा लेती हैं जिससे गोल्डफिश के सेहत के लिए हानिकारक होती हैं इसलिए आपको मछली के खान-पान का विशेष रूप से ध्यान देना होगा।
  • गोल्डफिश को सुरक्षित रखें और जहां पर आप टैंक रखे हुए हैं वहां आपको कीटनाशक छिड़काव का उपयोग नही करना होगा।
  • सुनहरी मछली के जन्म के एक साल बाद उसके शरीर पर उसका रंग और आकर्षण दिखाई देने लगता है।
  • अगर आपको मछली का कुछ असामान्य व्यवहार दिखे तो हो सकता है कि मछली बीमार है, इस संदर्भ में आप पशु चिकित्सक की मदद ले सकते हैं।

Goldfish से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

#1. गोल्डफिश खाता क्या है?

जो लोग सुनहरी मछली को पाल रहे है या पालना चाहते हैं, उनके लिए यह जानना बहुत ज़रूरी है कि सुनहरी मछली क्या खाती है। इसका आहार उस स्थान पर निर्भर करता है जहां वह रहती है, जैसे यदि वह नदियों, तालाबों में रहती है तो उसका आहार अलग हो सकता है और जब कोई इसे घरों में रखता है तो मछली का आहार अलग हो जाता है।

उदाहरण के लिए, सुनहरी मछली के खाद्य पदार्थों में शैवाल, कीड़े, मछली के अंडे, लार्वा, पौधे, पानी के पिस्सू, मच्छर और झींगा मछली शामिल हैं। जबकि जब घर पर पाले जाने वाली गोल्डफिश का आहार इस प्रकार के होते हैं, पालक, घोंगे, कटी सब्जियां, शैवाल, गोभी, सलाद पत्ता और समुद्री झींगा इत्यादि।

#2. गोल्डफिश का हिंदी नाम क्या है बताइए?

गोल्डफिश अलग-अलग रंगों में देखी जाती है जिसमें नारंगी, सफेद, काला, लाल आदि शामिल हैं। वहीं बात करें गोल्डफिश के हिंदी नाम की तो इसका हिंदी नाम सुनहर मछली है।

#3. गोल्डफिश की लम्बाई कितनी होती है गूगल?

तालाबों में रहने वाली सुनहरी मछली और पालतू सुनहरी मछली की लंबाई अलग-अलग होती है, जैसे टैंक और एक्वेरियम में पाली जाने वाली मछली की लंबाई 1 से 2 इंच होती है और कभी-कभी इससे भी अधिक लंबाई 6 इंच तक होती है, लेकिन जंगलों के तालाबों में रहने वाली मछली की लंबाई 12-14 इंच तक पहुंचता है।

#4. गोल्डफिश के लिए पानी का तापमान क्या चाहिए?

अगर आप सुनहरी मछली को लंबे समय तक जीवित रखना चाहते हैं तो आपको विशेष रूप से पानी के तापमान पर ध्यान देना होगा। पानी के तापमान में असीमित परिवर्तन होने पर मछली मर भी सकती हैं। सुनहरी मछली के लिए आदर्श तापमान 68° फ़ारेनहाइट से 74° फ़ारेनहाइट है ताकि मछली अधिक समय तक जीवित रह सके।

#5. गोल्डफिश खाना कितना खाती है?

हम पहले भी इस बारे में बात कर चुके हैं कि सुनहरी मछली कभी-कभी ज़्यादा खा लेती हैं जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। गोल्डफिश लंबे समय तक बहुत सी चीजें बड़ी मात्रा में खा सकती है, लेकिन आपको मछली को दिन में केवल 3 से 4 बार ही खिलाना चाहिए।

#6. गोल्डफिश कहाँ-कहाँ पाई जाती है?

गोल्डफिश भारत के साथ-साथ कई देशों में पाई जाती है, लेकिन सबसे ज्यादा चीन में पाई जाती है और इस मछली का पालन भी चीन से ही शुरू हुआ। जंगली में, सुनहरी मछली धीमी गति से बहने वाले मीठे जल निकायों में रहती हैं।

#7. गोल्डफिश प्रजनन कब करती है?

यह पूरी तरह से मछली के सही पोषण और पर्याप्त पानी पर निर्भर करता है। यदि सुनहरी मछली को पर्याप्त पानी और उचित पोषण दिया जाए तो वे आसानी से प्रजनन कर लेती हैं लेकिन छोटे टैंक में रखने पर प्रजनन नहीं कर पाती हैं।

सुनहरी मछली तापमान और मौसम के अनुसार प्रजनन करती है, सुनहरी मछली वसंत और गर्मियों की शुरुआत में प्रजनन करती है, मछली के अंडे से 48 से 72 घंटे के अंतराल पर बच्चे निकल जाती है। आप चाहें तो अंडों को दूसरे टैंक में भेज सकते हैं क्योंकि गोल्डफिश अंडों से निकलने वाली छोटी मछलियों को खा जाती है।

Goldfish से संबंधित कुछ मजेदार तथ्य

  • मनुष्यों को पहचाने की गोल्फिश में छमता होती हैं।
  • अच्छी तरह से गोल्डफिश की देखभाल करने पर 30 से 40 सालों तक जीवित रह सकती हैं।
  • गोल्फिश कई बार अपने बच्चे को ही खा लेती हैं।
  • दो सप्ताह तक गोल्डफिश बिना कुछ खाए पिए जीवित रह सकती हैं।
  • गोल्डफिश दूसरी छोटी मछलियां भी खाती हैं।
  • सबसे अधिक गोल्डफिश चीन में पाई जाती हैं।
  • 1700 साल गोल्डफिश का इतिहास पुराना हैं।
  • गोल्डफिश कीड़े मकोड़े के अलावा पौधे भी खाती हैं इसलिए यह मछली सर्वाहारी मछली हैं।

Q&A

गोल्डन फिश का असली क्या नाम है?

Carassius Auratus असली नाम है और हिंदी नाम सुनहरी मछली हैं।

सुनहरी मछली की कैसे उत्पत्ति हुई?

इसकी उत्पत्ति चीन से हुई हैं।

कितने की सुनहरी मछली होती है?

सुनहर मछली की कीमत उनकी साइज, रंग और अन्य चीजों के अनुसार तय होती हैं लेकिन न्यूनतम कीमत 1500 से लेकर 2000 रूपये तक का एक गोल्डफिश होता। इसके अलावा 2000 से 20000 रूपये तक में भी एक सुनहरी मछली बिकली हैं।

गोल्डफिश को क्या हम खा सकते है?

हां, आप अन्य मछलियों की तरह इसे खा सकते हैं, इसमें कोई दिक्कत नहीं है।

स्वस्थ गोल्डफिश का कैसे चुनाव करें?

स्वस्थ गोल्डफिश बिना किसी के मदद से वो तैर सकती है और रंग साफ, उभरा होता है, साथ ही पंख सीधी होती हैं एक स्वस्थ गोल्डफिश की।

निष्कर्ष

आज के आर्टिकल में हमने आपके साथ गोल्डफिश का वैज्ञानिक नाम क्या है से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करने की कोशिश की है, उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा। यदि लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ है, तो आप लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा करके हमारा समर्थन कर सकते हैं। यदि आपके पास इस लेख से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रश्न है या किसी भी तरह से सुधार चाहते हैं, तो आप हमें निश्चित रूप से बता सकते हैं और हमारे साथ व्हाट्सएप ग्रुप पर भी जुड़ सकते हैं। धन्यवाद!

नमस्ते, मेरा नाम सुनील पासवान हैं और मैं फुल टाइम ब्लॉगिंग करता हूँ। मुझे अलग-अलग विषयों पर लेख लिखना पसंद है। हिंदी बंधन के माध्यम से आप सभी तक बेहतर जानकारी पहुंचाने को मैंने अपना जुनून बना लिया है! आशा करता हूँ आप अपना प्यार बनाये रखेंगे।

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